Saturday, June 27, 2009

KITAB KA SUKHA PATTA$$$$$


ek bichda huna pta bola kitab sey;
tum mujhey rakh kar kuen khush hon;
mein to ek toota hua tukda hon ;
ek toontey hoyen dil ka;
jo kabhi pyar sey ;
sahlaya gya thaa;
chuma gaya thaa;
fir diya gaya thaa;
aapni chahat ko;
jisey fir sey ;
choma or dil sey lagaya gya thaa;
aab na wo hein na wo;
khoo gya;;
sab kuch mera wajood bhi ;
issey acha to ped sey tapak ;
kar ud jata kisi or desh ;
jhan shayad pyar karney;
waley ek dusrey ko kabhi khootey na!!!

@@daisy aggarwal@@

Monday, June 22, 2009

garahsathi@@@


सुखी दांपत्य का सार......

येही ही इस दुनिया का भयंकर सच लगता हैं!
दोस्त वरना ये दुनिया का मंजर कुछ ओर न लगता!!
यह दोलत की चाह हमे भटका रही लगता हैं!
येही नजरिया अ़ब सही लगता हैं!!
हम औरतो की ख़ुशी और घर की शांति इसी में लगती हैं!!!!
यह छोटा सा सच ही सुखी दाम्पत्य जीवन का सर लगता हैं!!!!!!
@@daisy aggarwal@@

Thursday, June 18, 2009

sabak ek dost ka@@@

ऐसे तलाशने से कुछ नहीं मिलता हैं!
इस हसरत से दिल का दर्द मिलता हैं!
इस दर्द भरी दुनिया में बस इंतजार ही मिलता हैं!
किस लियें उलझते हों जमाने से !
यहाँ हर कोई बहरा ही मिलता हैं!
क्या हम सफ़र, क्या दोस्त, क्या हमराज!
सब आपने सफ़र का सोचते मिलते हैं!!!
@@daisy aggarwa@@

Sunday, June 14, 2009

ek sawal////////////////////////


मैं दो कदम चलता और एक पल को रुकता मगर...........
इस एक पल जिन्दगी मुझसे चार कदम आगे बढ जाती ।
मैं फिर दो कदम चलता और एक पल को रुकता और....
जिन्दगी फिर मुझसे चार कदम आगे बढ जाती ।
युँ ही जिन्दगी को जीतता देख मैं मुस्कुराता और....
जिन्दगी मेरी मुस्कुराहट पर हैंरान होती ।
ये सिलसिला यहीं चलता रहता.....
फिर एक दिन मुझे हंसता देख एक सितारे ने पुछा..........
" तुम हार कर भी मुस्कुराते हो ! क्या तुम्हें दुख नहीं होता
मेने सितारों से कहा ..
की जिन्दगी आगे चलती है ..
और उसे पकड़ने की दौड़ में ..
मै भी तो चलती रहेती हु ना..
ये कम है क्या जिन्दगी के लिए..
की मै भी रहेती हु चलती मेरी जिन्दगी के साथ..!!
!!DAISY AGGARWAL!!

Monday, June 8, 2009

अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं,
खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं ,
रोक पाए न जिसको ये सारी दुनिया,
वोह एक बूँद आँख का पानी हूँ मैं.....
सबको प्यार देने की आदत है हमें,
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे,
कितना भी गहरा जख्म दे कोई,
उतना ही ज्यादा मुस्कराने की आदत है हमें...
इस अजनबी दुनिया में अकेला ख्वाब हूँ मैं,
सवालो से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं,
जो समझ न सके मुझे, उनके लिए "कौन"
जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं,
आँख से देखोगे तो खुश पाओगे,
दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं,,,
@@@daisy aggarwal@@@,

Saturday, June 6, 2009

khushi;;;;;;;;;;;;;;;;

ख़ुशी एक छोटा सा शब्द,,,

जो कर जाता हैं निशब्द ,,,,,,

जिसे पाना शायद बहुत कठिन ,,,

सची ख़ुशी वाकेही हैं कठिन,,,,,

नारी जनम भी हैं ख़ुशी!

दुनिया में जीना भी हैं ख़ुशी!

जिन्दगी संभालना bhi हैं ख़ुशी!!

एक नया जनम देना भी हैं ख़ुशी!

फिर उस को बदते देखना भी हैं ख़ुशी!

मगर मेरे दोस्त वो ख़ुशी खान हैं जो !

हमे और तुम्हे सोकूं डे सके !!

खुल कर हंसा सके!!!!

येही तो जिन्दगी की तलाश हैं ख़ुशी!!!

@@@daisy aggarwal@@@