एक पत्थर जो पड़ा था रास्ते पर,
देखता था आने जाने वालो को,
न कोई सवाल ,
न कोई जवाब,
बस सड़क का कोना और वोएक दुसरे कें साथी!
एक सुबह -सामने बनती विशाल ईमारत को देख कर सड़क बोली
में तो बंधी होन यह,
पर तो किस्लियें पड़ा हैं
यहाँजा किसी ईमारत की शान
बड़ाकिसी बगीचे में सज जा!!
वो बोला नहीं यहीं ठेक
होन शायद किसी की नजर पडे मुझ
परऔर वो खुद को मुझ सें जोड़े
और सोचे ईस ,
पत्थर को देखो,
कितनी थपेडे ,
कितनी ठोकरखा कर भी,
अपने रूप में पड़ा हैं,
अपने अस्तित्वे कें साथ,
हमे भी लड़ना हैं,जमाने सें,अपने गम से,
मगर अपने अस्तितेव कें साथ!!!
**daisy aggarwal**
Sunday, April 25, 2010
Thursday, March 25, 2010
Monday, March 15, 2010
dil sein
kuch log jindgi mein u shamil hon jatey hein
ki unki ek ek bat or halat humarey hon jatey hein
fir unka roothna or naraj hona apna lagta hein
magar humey unka badla roop or batey roola deti hein
magar afsos kuen ,yeh to halat hein
jo shayad humari kismat or name sein joodey hein
**daisy aggarwal**
ki unki ek ek bat or halat humarey hon jatey hein
fir unka roothna or naraj hona apna lagta hein
magar humey unka badla roop or batey roola deti hein
magar afsos kuen ,yeh to halat hein
jo shayad humari kismat or name sein joodey hein
**daisy aggarwal**
Friday, January 8, 2010
ek icha...
समुंदर की रेत और पानी सें पहचान हैं हमारी
उनसें रोज मिलना आदत हैं हमारी
उनसें बात करना और वक्त बिताना आदत हैं humari
रेत पे लिखना तो आदत है हमारी .
इसलिये तो सागर से दुश्मनी है हमारी .
चाहे वो लाख बार मिटाए नाम आपका.
फिर सें लिखना जिद और आदत हैं हमारी
और फिर आपको याद करना आदत हों गईं हमारी
पर आपको भुलाना तकदीर में नही हमारी
क्या करे हमसफ़र यह तो आदत हैं हमारी.
**daisy aggarwal**
उनसें रोज मिलना आदत हैं हमारी
उनसें बात करना और वक्त बिताना आदत हैं humari
रेत पे लिखना तो आदत है हमारी .
इसलिये तो सागर से दुश्मनी है हमारी .
चाहे वो लाख बार मिटाए नाम आपका.
फिर सें लिखना जिद और आदत हैं हमारी
और फिर आपको याद करना आदत हों गईं हमारी
पर आपको भुलाना तकदीर में नही हमारी
क्या करे हमसफ़र यह तो आदत हैं हमारी.
**daisy aggarwal**
Saturday, January 2, 2010
sath sath
वो पल भी क्या पल थे
जब वो करीब थे
न जाने कब उन को
उन पलओ की
कीमत बता बैठे
उन की आहे
और नजर लगा बैठे
अब सोचते हैं यह क्या
कर बेठे आपने हाथो
आपना सपना खों बेठे
मगर वो पल बहुत कीमती हैं
यह ही सोच कर हम जीने
की तम्मना कर बेठे!!
**daisy aggarwal**
जब वो करीब थे
न जाने कब उन को
उन पलओ की
कीमत बता बैठे
उन की आहे
और नजर लगा बैठे
अब सोचते हैं यह क्या
कर बेठे आपने हाथो
आपना सपना खों बेठे
मगर वो पल बहुत कीमती हैं
यह ही सोच कर हम जीने
की तम्मना कर बेठे!!
**daisy aggarwal**
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