Monday, April 13, 2009

EK BHARAM JO TONT GAYA!!

में एक पत्थर की चटान थी जिस पर हर रोज कोई न कोई आ कर बैठ था
में वही पड़ी पड़ी आने जानो वालो को देखती रहती !
तभी अचानक मेने ध्यान दिया की एक बहुत खुबसूरत सा चेहरा जो आंसू
में छुपा हैं आ करवही रूक गया...........
आब हमे रोज उसका इंतजार रहता
वो आतीं और उदास रहती ...........
अचानक एक दिन वो एक लड़की के
साथ आईँ jओ बहुत खुबसुरत था
वो आब बहुत खुश थी और अब हंसती रहती
हमे भी अच्हा लगता उसका खिलखिलाना
अब उसने आना बंद कर दिया
हमे लगा हमारी दुआएं काम
आ गईं मगर एक दिन बहुत
सालो बाद वो एक बहुत छोटे बचे के साथ
आईं मगर उदास सफ़ेद कपड़ो में
और चुप चाप
क्या येही जन्दगी हैं
तो हम तो पत्थर ही भले.........................
मेरे बहुत करीब हैं ये कहानी
DAISY D GR8!!!

1 comment:

  1. I never forget to visite ur blog at least once in a day.........always in search of a nice poem.

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