समुंदर की रेत और पानी सें पहचान हैं हमारी
उनसें रोज मिलना आदत हैं हमारी
उनसें बात करना और वक्त बिताना आदत हैं humari
रेत पे लिखना तो आदत है हमारी .
इसलिये तो सागर से दुश्मनी है हमारी .
चाहे वो लाख बार मिटाए नाम आपका.
फिर सें लिखना जिद और आदत हैं हमारी
और फिर आपको याद करना आदत हों गईं हमारी
पर आपको भुलाना तकदीर में नही हमारी
क्या करे हमसफ़र यह तो आदत हैं हमारी.
**daisy aggarwal**
Friday, January 8, 2010
Subscribe to:
Post Comments (Atom)


aapki aadat ko naman!!
ReplyDeletetanx mukesh ji
ReplyDeleteपर आपको भुलाना तकदीर में नही हमारी
ReplyDeleteक्या करे हमसफ़र यह तो आदत हैं हमारी.
Bahut khoob!